प्रिय किसान बंधू ,
आज जिस प्रकार खेत का रकबा घटाता जा रहा है, उसे ध्यान में राखेत हुए आब हमें नगदी फसलो की तरफ ध्यान देना होगा तथा सिर्फ़ उपज के साथ आब समय आ गया है की विपणन पर जायद अजोरे दिया जा , खास तौरे पर नई पीडी को एसपर विचार करते हुए , कारगर कदम उठाना पड़ेगा, बजारकी सम्भाम्वन को तलासहते हुआ, अपने को उस अनुरूप दालान पड़ेगा तथा ," कम जमीन,जायदा उत्पादन, शानदार भाव" के साथ नई क्रांति का अग्गाज करना होगा, जिससे आने वाली पीडी स्वस्थ अवं म क्शुश्हल हो यही हो नारा हमरा,
जय हिंद,,,,
मनोजकुमार सिंह
हरदासपुर mau , उत्तर प्रदेश
Saturday, September 12, 2009
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